हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘Dhurandhar’ फिल्म हिंदी भाषा में अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली पहली फिल्म बन गई है। धुरंधर घरेलू बॉक्स ऑफिस में 831.4 करोड़ रुपये कमाकर हिन्दी भाषा में कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 830 करोड़ रुपये के साथ पुष्पा 2 फिल्म के नाम था। Dhurandhar की कमाई का सिलसिला अभी भी जारी है।

ट्रेलर लॉन्च के बाद सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं, उससे साफ संकेत मिल गया था कि यह फिल्म दर्शकों के बीच खास उत्सुकता पैदा कर रही है। रिलीज़ के पहले दिन से ही सिनेमाघरों में अच्छी भीड़ देखने को मिली, जिसने शुरुआती कलेक्शन को मजबूत आधार प्रदान किया।
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि हिंदी भाषा में बनी यह फिल्म हर वर्ग के दर्शकों से जुड़ने में सफल रही। इसकी कहानी, संवाद और किरदारों की सच्चाई ने लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया, जिसका सीधा असर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर देखने को मिला। यही कारण है कि फिल्म ने कमाई के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
फिल्म की कहानी इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। सिर्फ कहानी ही नहीं बल्कि कहानी को इसके पात्रों ने जिस जीवंतता के साथ जिया है,कि फिल्म को बार-बार देखने वाले दर्शकों की संख्या भी काफी अधिक रही, जिसने कुल कमाई को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
मुख्य किरदारों से लेकर सहायक कलाकारों तक, सभी ने अपने रोल को पूरी ईमानदारी से निभाया। अभिनय में दिखी सहजता और वास्तविकता ने फिल्म को बनावटीपन से दूर रखा। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि दर्शक आज वही फिल्में पसंद कर रहे हैं जिनमें अभिनय और कहानी दोनों मजबूत हों, और धुरंदर इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है। विशेषकर अक्षय खन्ना की एक्टिंग को बहुत सराहना मिली ।
फिल्म का निर्देशन भी इसकी ऐतिहासिक कमाई का एक बड़ा कारण है। निर्देशक ने कहानी को बिना अनावश्यक खिंचाव के प्रभावी ढंग से पेश किया। हर सीन का उद्देश्य साफ था और दर्शकों को बांधे रखने में सफल रहा। सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड म्यूजिक और एडिटिंग ने फिल्म को तकनीकी रूप से भी मजबूत बनाया, जिससे सिनेमाघरों में देखने का अनुभव और बेहतर हो गया। लग्भ्गग 3 घंटे 20 मिनट की फिल्म होने के बावजूद दर्शक इससे बिना किसी बोरियत के जुड़े रहे।

अगर बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स की बात करें, तो धुरंधर ने रिलीज़ के बाद लगातार स्थिर कमाई बनाए रखी। आमतौर पर कई फिल्में पहले हफ्ते के बाद धीमी पड़ जाती हैं, लेकिन धुरंधर के मामले में वर्ड ऑफ माउथ ने अहम भूमिका निभाई। दर्शकों द्वारा दी जा रही सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने नए दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा, जिससे फिल्म की कमाई में निरंतर बढ़ोतरी होती रही।
फिल्म की इस रिकॉर्ड-तोड़ सफलता का असर आने वाली हिंदी फिल्मों पर भी देखने को मिलेगा। इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि अब निर्माता कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों पर अधिक भरोसा करेंगे। धुरंदर ने यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी मजबूत हो और प्रस्तुति सच्ची हो, तो भाषा और बजट की सीमाएँ अपने-आप टूट जाती हैं।
कुल मिलाकर, धुरंधर की सफलता हिंदी सिनेमा के बदलते दौर का प्रतीक है। यह फिल्म न केवल कमाई के मामले में इतिहास रच चुकी है, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया है कि दर्शक अब गुणवत्ता और सच्चाई को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। आने वाले समय में धुरंधर को एक मील का पत्थर माना जाएगा, जिसने हिंदी भाषा की फिल्मों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है।
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